नौग्रह मंत्र वंदना
ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च।
गुरुश्च शुक्रः शनिराहुकेतवः कुर्वन्तु सर्वे मम सुप्रभातम् ॥
मंत्र का अर्थ: हे ब्रह्मा, हे विष्णु, हे शिव आप तीनों ही इस सृष्टि का संचालन करते हैं । आप सभी तीनों लोकों के कर्ताधर्ता हैं आप सूर्य, चंद्रमा, भूमि, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु सभी ग्रहों के अशुभ फल को शांत करें ।
इस मंत्र का जाप सूर्योदय प्रातः काल में करने से अनेकों लाभ होते हैं ।